Yogendra Yadav – योगेन्द्र यादव 

Introduction

Yogendra Yadav is an Indian activist, psephologist and politician whose primary interests are in the political and social sciences. He was a Senior Fellow at the Centre for the Study of Developing Societies (CSDS), Delhi from 2004 to 2016. He is a former member of University Grants Commission (UGC) and National Advisory Council on Right to Education Act (NAC-RTE) constituted by Ministry of Human Resources and Development, Govt of India, in 2010. He was a member of the National Executive of the Aam Aadmi Party until 2015.

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परिचय

योगेंद्र यादव एक भारतीय कार्यकर्ता, चुनाव विज्ञानी और राजनीतिज्ञ हैं, जिनकी प्राथमिक रुचि राजनीति और सामाजिक विज्ञान में है। वह 2004 से 2016 तक सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज, दिल्ली में सीनियर फेलो थे। वह 2010 में मानव संसाधन और विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गठित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और शिक्षा के अधिकार पर राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी-आरटीई) के पूर्व सदस्य हैं। वह 2015 तक आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे।

हिंदी में / in English

क्या अडाणी का एनडीटीवी उस संस्था का वारिस हो सकेगा जिसने रवीश कुमार जैसा पत्रकार दिया? – योगेन्द्र यादव (‘द प्रिंट’ के सौजन्य से) new…

You can call NDTV elitist, anglicised. But it defended democracy, gave us Ravish Kumar – (Courtesy of ‘The Print‘) new…

अमीर-गरीब में बढ़ती खाई को राजनीतत का मुद्दा बनाए –  (पंजाब केसरी के सौजन्य से)

पुड़ियाबाजों से बचें, लेकिन समस्याओं से नहीं – दर्द का रिश्ता बनाती भारत जोड़ो यात्रा का सबक – (दिप्रिंट के सौजन्य से) 

Bharat Jodo Yatra isn’t just about Rahul Gandhi. It’s a walking classroom on public policy (Courtesy of “The Print”)

किसान आंदोलन को अपनी राजनीतिक दिशा तय करनी होगी – (‘पंजाब केसरी’ से साभार)

This is what surprises me about India’s selfie-hunters on Bharat Jodo Yatra, political events (Courtesy of “ThePrint”)

भारत जोड़ो यात्रा ने बहुत कुछ बदला है (‘पंजाब केसरी’ से साभार)

सवर्ण मानसिकता से ग्रस्त EWS वाला फैसला कोर्ट के बदलते रुख का संकेत है, सामाजिक न्याय पर तीखे संघर्ष की आहट है

EWS verdict shows merit matters only when it’s ‘their’ children, not ‘our’ kids (Courtesy of “ThePrint”)

क्या गरीबी की बीमारी के लिए आरक्षण सही दवा है – (‘पंजाब केसरी’ से साभार)

हम इस गर्व के हिस्सेदार क्यों न बनें – योगेन्द्र यादव 

बरकरार है अगड़ी जातियों की गिरफ्त भारतीय मीडिया पर” पर मेरा लेख – योगेन्द्र यादव

Hindu upper-caste Indian media is a lot like White-dominated South Africa (Courtesy of “ThePrint”)

अंग्रेजी बेशक हटाओ लेकिन भारतीय भाषाओं को समर्थ भी बनाओ

आज भारत के स्वधर्म पर सबसे घातक हमला है

Phase out English intelligently. But prepare Indian languages for the difficult task first (Courtesy of “ThePrint”)

आज भारत में बढ़ते बीजेपी के वर्चस्व से भारतीय समाजवाद ही लड़ सकता है

वो छह वजहें जो बताती हैं कि क्यों भारत जोड़ो यात्रा सिर्फ सियासी तमाशा भर नहीं

Six reasons why Bharat Jodo Yatra isn’t simply a routine political ‘tamasha’ (Courtesy of “ThePrint”)

शील, करुणा और मैत्री का ‘संगम’ है भारत का स्वधमम

‘Congress must die’, I said in 2019. What I meant then, and what’s changed now (Courtesy of “ThePrint”)

काश ‘कांग्रेस को मर जाना चाहिए’ याद रखने वाले पढ़ भी लेते कि मैंने यह क्यों कहा था, तो वे आज हैरान न होते

क्या देश का स्वधर्म हो सकता है, कहां खोजें उसे

क्या देश का स्वधर्म हो सकता है, कहां खोजें उसे

क्या है भारत का स्वधर्म

भारत जोड़ो यात्रा ने दक्षिणायन के द्वार खोले हैं

Bharat Jodo Yatra has opened room for new imagination of India — ‘South-up’ (Courtesy of “ThePrint”)

बोहनी तो अच्छी हुई, लेकिन सफर लम्बा है

जनांदोलनों और राजनीतिक दलों की ऊर्जा जोड़ने की जरूरत

An appeal from Yogendra Yadav

योगेंद्र यादव की एक अपील 

Yogendra Yadav opts for a sabbatical from Samyukt Kisan Morcha – From “The Hindu”

भारत जोड़ो का दर्शन : वो तोड़ेंगे, हम जोड़ेंगे

Prashant Bhushan is my friend, but I am disappointed that SC didn’t try him for contempt  

Mood of the Nation survey has 3 messages for Modi govt, Opposition

2024 is no longer a ‘done deal’ for BJP. Bihar coup has changed India’s political landscape

जहां पैसा वहां जगमग, जहां कड़की वहां अंधेर  

आखिर मेरा कसूर क्या है

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